मिस वर्ल्ड बनने के बाद क्या क्या मिलता है? जानकर के आपके होश उड़ जायेंगे
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मिस वर्ल्ड बनने की इच्छा किस लडकी की नही होती है? हर खूबसूरत
लडकी चाहती है कि वो मिस वर्ल्ड बने लेकिन हर कोई बने ये संभव भी नही है
क्योंकि दुनिया में सिर्फ एक लडकी को ही ये खिताब मिल पाता है और उसे ही उस
साल की सबसे खूबसूरत लडकी माना जाता है, अब इतनी खूबसूरत लडकी है तो जाहिर
सी बात है कि उसे मिलने वाले इनाम भी बहुत बड़े होते है और ये इनाम महज बड़े
ही नही होते है बल्कि आपकी और हमारी कपोल कल्पनाओं से भी कई ज्यादा होते
है इस बात में कोई शक नही है तो चलिए फिर जानते है कि एक लडकी मिस वर्ल्ड
बनती है तो उसे क्या क्या मिलता है?
मिस वर्ल्ड बन जाने पर सबसे पहली जो चीज लडकी को मिलती है वो होती है
ताज, ये ताज बहुमूल्य रत्नों हर हीरो से जड़ा होता है जिसकी कीमत दो करोड़ से
पांच करोड़ के बीच होती है, आप खुद ही सोचिये सिर्फ और सिर्फ महज एक ताज ने
ही उस लडकी को पूरी तरह से करोड़ पति बना डाला है
वही अगर बात की जाए कैश प्राइस की तो ये लगभग 10 करोड़ नकद के आस पास
होती है जो अपने आप में बहुत ही बड़ी रकम है वही दूसरी तरफ उन्हें और भी कई
सारी चीजे मिलती है, जो भी बड़े बड़े ब्रांड मिस वर्ल्ड को स्पोंसर करते है
उनके हर प्रोडक्ट को मिस वर्ल्ड मुफ्त में इस्तेमाल करती है और इनके
प्रोडक्ट्स की कीमत लाखो रूपये में होती है वही इसके अलावा मिस वर्ल्ड को
ट्रेवल अलाउंस भी मिलता है जिसके तहत वो दुनिया भर में कही भी साल भर के
लिए मुफ्त में घूम फिर सकती है, इसके लिए उन्हें किसी तरह का कोई भी खर्च
वहन नही करना पड़ेगा और सब कुछ फ्री में होगा
यही नही मिस वर्ल्ड बनने के बाद बड़े बडे ब्रांड्स आपको अपनी कम्पनी का
एड करने के लिए भी बुलाते है जिसके लिए लडकी को करोडो की फीस भी दी जाती है
रानी लक्ष्मीबाई, भारत की वो वीरांगना जिसने अंग्रेजों का उनकी औकात बता दी थी। झांसी के गणेश मंदिर में राजा गंगाधर राव से शादी के बाद उनका नाम मणिकर्णिका से बदलकर लक्ष्मी बाई रख दिया गया और वह झांसी की रानी बन गईं। 1613 में ओरछा के राजा वीर सिंह द्वारा बनवाए गए इस किले को 400 साल हो गए हैं। कई मराठा शासकों का झांसी में शासन रहा, लेकिन किले को रानी के नाम से जाना जाता है। रानी की वीरता की कहानी किला सहेजे है। अंग्रेजों से खुद को घिरता देख लक्ष्मी बाई ने दत्तक पुत्र दामोदर राव को पीठ से बांध अपने ढाई हजार की कीमत के सफेद घोड़े पर बैठ किले की 100 फीट ऊंची दीवार से छलांग लगाई थी। झांसी के पुरानी बजरिया स्थित गणेश मंदिर की रानी लक्ष्मीबाई की जिंदगी में सबसे अहम जगह थी। 15 साल की उम्र (जानकारों के मुताबिक रानी का जन्म 1827 है) में मनु कर्णिका की शादी इसी मंदिर में झांसी के राजा गंगाधर राव से हुई थी। शादी के बाद इसी मंदिर में उनका नाम मनु कर्णिका से लक्ष्मीबाई पड़ा। राजा गंगाधर राव के निधन के बाद रानी गम में डूब गई थीं। गंगाधर राव का क्रिया कर्म जहां किया गया...
आप सभी लोगों ने मुलेठी को कभी-कभी तो खाया ही होगा अगर नहीं खाया है तो इसे खाना शुरू कर दीजिए क्योंकि इसके आपको बहुत सारे आयुर्वेदिक लाभ मिलने वाले हैं. मुलहठी खांसी, जुकाम, उल्टी व पित्त को बंद करती है. मुलहठी अम्लता में कमी व क्षतिग्रस्त व्रणों (जख्मों) में लाभकारी है. अम्लोत्तेजक पदार्थ को खाने पर होने वाली पेट की जलन और दर्द, पेप्टिक अल्सर तथा इससे होने वाली खून की उल्टी में मुलहठी अच्छा प्रभाव छोड़ती है. मुलहठी का उपयोग कड़वी औषधियों का स्वाद बदलने के लिए किया जाता है. मुलहठी आंखों के लिए लाभदायक, बालों को मुलायम, आवाज को सुरीला बनाने वाली और सूजन में लाभकारी है. मुलहठी विष, खून की बीमारियों, प्यास और क्षय (टी.बी.) को समाप्त करती है. चलिए जानते हैं मुलेठी खाने के फायदों के बारे में. सर्दी, खांसी और जुखाम : अगर आपको सर्दी खांसी जुखाम की समस्या की वजह से आपकी छाती में कफ जमा हो गया है तो यह आपके कफ को निकालने में बहुत मदद करती है. गले की खराश, गले का बैठ जाना : मुलेठी चबाने से मुंह में लार का स्राव बढ़ता है. और यह आपकी आवाज को भी मधुर बनाती है. और यह श...
आजकल भले ही लड़कियां भी लड़कों की तरह ही जींस, टीशर्ट, शर्ट, पैंट, ट्राउज़र आदि पहनती हैं। मगर फिर भी दोनों के कपड़ों में अंतर होता हैं। क्या आपने कभी नोटिस किया हैं। आपकी शर्ट में एक जेब होगी लेकिन किसी लड़की की शर्ट में जेब नहीं होती! वैसे लड़कियों की शर्ट में पॉकेट के न होने के पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण तो नहीं हैं। ,लेकिन अनुमान लगाया जाता है कि इसके पीछे वजह लड़कियों के लेकर वही दकियानूसी सोच हैं।ये हमारी परंपरा और मानसिकता से जुड़ा मसला हैं ऐसा कहा जाता है कि पुराने जमाने में महिलाओँ के कपड़ों में जेब नहीं बनाई जाती थी।इसके पीछे मानसिकता ये थी कि अगर महिलाओं के कपड़ों में जेब होगी। अपनी जेब में कुछ न कुछ तो जरूर रखेंगी! इससे उनके शरीर की बनावट बिगड़ जाएगी और शरीर में उभार दिखाई देगा, जिससे उनके शरीर की सुंदरता कम हो जाएगी. यही वजह है कि लड़कियों की शर्ट में पॉकेट नहीं बनाई जाती थी ! पुराने ज़माने की तरह ही आज भी महिलाओं को सिर्फ सुंदर दिखने की वस्तु ही माना जाता हैं। पहनावे की बात करे तो अब बदलाव आया हैं ! महिलाओ को समाज में अब बराबर का हक़ दिया गया है! ...
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